लखनऊ

453वाँ युगऋषि वाङ्मय स्थापित

ऋषि का सद्ज्ञान मानव जीवन का आधार है - उमानन्द शर्मा

लखनऊ। गायत्री ज्ञान मंदिर के ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत 453वाँ युगऋषि वाङ्मय की स्थापना सम्पन्न
‘‘ऋषि का सद्ज्ञान मानव जीवन का आधार है।” -उमानन्द शर्मा

गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत ‘‘शेरवुड कॉलेज ऑफ नर्सिंग, सफेदाबाद रेलवे क्रासिंग के पास, धरसनिया, बाराबंकी, उ०प्र०’’ के केन्द्रीय पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों का 453वाँ ऋषि वाङ्मय की स्थापना का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। श्री मुकेश श्रीवास्तव (पुत्र) एवं श्रीमती उर्मिला श्रीवास्तव (पुत्रवधु) ने अपने माता-पिता स्व० श्रीमती सुषमा श्रीवास्तव एवं स्व० श्री कौशल किशोर श्रीवास्तव की स्मृति में संस्थान के पुस्तकालय में युग ऋषि वाङ्मय साहित्य भेंट किये तथा उपस्थित संकाय सदस्यों एवं छात्र-छात्राओं को अखण्ड ज्योति (हिन्दी) पत्रिका भी भेंट किये।

इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने कहा कि “ऋषि का सद्ज्ञान मानव जीवन का आधार है।” इस अवसर पर श्री वी०के० श्रीवास्तव एवं संस्थान के निदेशक (सामान्य प्रशासन) श्री सतीश कुमार श्रीवास्तव ने भी अपने विचार व्‍यक्‍त किये। संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ० राज अमित सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर गायत्री ज्ञान मंदिर के प्रतिनिधि श्री उमानंद शर्मा, श्री देवेन्द्र सिंह, श्री वी०के० श्रीवास्तव, श्री मुकेश श्रीवास्तव, श्रीमती उर्मिला श्रीवास्तव एवं संस्‍थान के निदेशक (सा०प्र०) श्री सतीश कुमार श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य डॉ० राज अमित सिंह, निदेशक श्री प्रदीप पाण्डेय, एसोसिएट प्रोफेसर श्रीमती शिवांगी मौर्य, रजिस्ट्रार श्री विजय यादव, संकाय सदस्‍य एवं छात्र-छात्रायें मौजूद रहे।

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