आगराजनता की आवाज़

खंदौली का नंबर1 आईएसओ ब्लॉक में रोज पहुंचती है गधों की बारात, शराब से लेकर खेला जाता है जुआ, महिलाओ को लगता है डर

आगरा। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वच्छ भारत मिशन की मुहिम को ज़मीन पर उतारने की जिम्मेदारी जिन अफसरों पर है, वही अफसर अपने ही कार्यालय परिसर को स्वच्छ रखने में नाकाम साबित हो रहे हैं। खंदौली ब्लॉक परिसर में चारों ओर फैली गंदगी, कूड़े के ढेर और उगी हुई झाड़ियों ने प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर दिया है। परिसर में जगह-जगह कूड़ा पड़ा हुआ है, समुचित व्यवस्था न होने से कई जगहों पर गंदा पानी भी जमा है। सोशल मीडिया पर बड़ी-बड़ी बात करने वाले ब्लॉक प्रमुख आशीष शर्मा के दावे फेल होते नजर आ रहे हैं।

स्वच्छता का पाठ पढ़ाने वाले अफसरों की असलियत

ब्लॉक स्तर पर तैनात अधिकारी ग्रामीण पंचायतों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाते हैं, लेकिन स्वयं उनके कार्यालय की हालत बदहाल है। परिसर में अफसरों और कर्मचारियों के दफ्तरों के बगल से ही कूड़े के ढेर लगे हैं, जिन्हें देखकर भी नजरअंदाजी की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि जो अधिकारी गांवों को स्वच्छ बनाने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, वे खुद अपने परिसर को साफ रखने में असफल हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर कार्यालय की स्थिति ऐसी है, तो गांवों की स्थिति की कल्पना आसानी से की जा सकती है।

ग्राम पंचायतों की स्वच्छता पर प्रचार मंत्री ने उठाये सवाल

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश प्रचार मंत्री गिर्राज सिंह नौहवार ने कहा की ब्लॉक परिसर की दुर्दशा से यह सवाल उठता है कि जब अधिकारी खुद ही स्वच्छता के मानकों का पालन नहीं कर पा रहे, तो वे ग्राम पंचायतों को कैसे दिशा-निर्देश देंगे। ब्लॉक परिसर में गंदगी देखकर फरियादी भी असहज हो जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान को पलीता लग रहा है। जरूरत है कि जिम्मेदार अफसर पहले अपनी जिम्मेदारी का पालन करते हुए अपने कार्यस्थल को स्वच्छ बनाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता का संदेश प्रभावी रूप से पहुंच सके। केवल सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने से काम नहीं चलता। कमियों को देखना भी पड़ता है।

ब्लॉक परिसर में गंदगी की समस्या एक गंभीर चिंता का विषय

भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष राजवीर लवानियां ने कहा की ब्लॉक परिसर में गंदगी की समस्या एक गंभीर चिंता का विषय है, खासकर जब यह उस परिसर में हो जो स्वच्छता और सफाई के लिए जिम्मेदार है। ब्लॉक परिसर में कूड़े के ढेर, जलजमाव, और झाड़ियों की मौजूदगी से प्रशासनिक लापरवाही उजागर होती है। यह स्थिति न केवल परिसर की सुंदरता को कम करती है, बल्कि यह बीमारियों के प्रसार का कारण भी बन सकती है।

महिलाओ को शाम को परिसर में जाने से लगता है डर
ब्लॉक परिसर में शराबी और जुआरियो की वजह से महिलाओं ने शाम को अकेले परिसर में जाना बंद कर दिया है। उन्हें डर रहता है की कही कोई उनके साथ छेड़छाड़ ना कर दे

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