
एत्मादपुर में 2027 की लड़ाई – विकास पुरुष vs 5 साल की मेहनत*
*एत्मादपुर विधानसभा में असली टक्कर अब दो चेहरों में है। एक तरफ 5 साल से गांव-गांव घूम रहे सपा के क्षत्रिय चेहरे, दूसरी तरफ बच्चा-बच्चा जिसे विकास पुरुष कहता है – वो वर्तमान विधायक।*
*1. समाजवादी पार्टी में क्षत्रिय चेहरा कौन? – डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान*
समाजवादी पार्टी में अगर क्षत्रिय समाज की बात की जाए तो पिछले चुनाव में हार के बाद भी *डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान* पिछले 5 वर्षों से क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं।
दिन-रात जनता के बीच रहकर उन्होंने सपा को मजबूत किया है। आज की तारीख में सपा के सबसे दमदार प्रत्याशी वही दिखाई दे रहे हैं। उनकी मेहनत जमीन पर दिखती है।
*2. भाजपा में – नाम ही काफी है, डॉ. धर्मपाल सिंह*
भाजपा की बात की जाए तो वर्तमान विधायक *डॉ. धर्मपाल सिंह* को तो पार्टी का वोट मिलेगा ही, लेकिन उनका अपना व्यक्तिगत वोट उससे कई गुना ज्यादा है।
जब एत्मादपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आए थे, तो मंच से उन्होंने डॉ. धर्मपाल सिंह को *”विकास पुरुष”* कहकर संबोधित किया था। विकास पुरुष हर किसी को नहीं कहा जाता।
विकास कार्यों में सबसे तेज काम करने वाले विधायक के रूप में आज एत्मादपुर का बच्चा-बच्चा डॉ. धर्मपाल सिंह को जानता है।
*3. टेढ़ी बगिया – जो नर्क था, आज स्वर्ग है – यही है व्यक्तिगत वोट की ताकत*
पार्टी और जातीय समीकरण की बात तो छोड़ दीजिए…
*टेढ़ी बगिया क्षेत्र* जो कभी नर्क बना हुआ था, उसे स्वर्ग बनाने में डॉ. धर्मपाल सिंह की अहम भूमिका है।
*भारत TV की 5 दिन की गुप्त सर्वे रिपोर्ट के अनुसार -*
टेढ़ी बगिया क्षेत्र इस समय खुद को वर्तमान विधायक का ऋणी बता रहा है। वहां हर जाति के लोग और महिलाएं खुलकर डॉ. धर्मपाल सिंह का गुणगान करते हुए दिखाई देती हैं।
इस क्षेत्र का हर जाति का वोट – चाहे वो ब्राह्मण हो, जाटव हो, बघेल हो, बनिया हो – ज्यादा से ज्यादा संख्या में धर्मपाल सिंह की तरफ ही जाएगा।
*4. आरक्षण विरोध और अंदरूनी विरोध का कितना असर?*
इस समय चल रहे आरक्षण विरोध का असर पार्टी पर पड़ सकता है, लेकिन वर्तमान विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह पर इसका *रत्ती भर भी असर नहीं पड़ने वाला।*
कुछ गुट के लोग अंदर ही अंदर विरोध करते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन धर्मपाल सिंह का जो व्यक्तिगत वोट है, वो विकास कार्यों से खींचा हुआ वोट है। वो वोट टूटने वाला नहीं है।
*5. भारत TV का सबसे बड़ा विश्लेषण – अगर भाजपा ने चेहरा बदला तो क्या होगा?*
अगर भाजपा किसी अन्य व्यक्ति पर दांव खेलती है तो…
– जीत तो हासिल हो सकती है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में नहीं।
– और हो सकता है कि विपक्ष की पार्टी अपना झंडा बुलंद करके निकल जाए। लेकिन बाईसी के व्यक्ति को अगर पार्टी टिकट देती है तो चुनाव मैं हासिल की जा सकती है
अगर ऐसा होता है तो विपक्ष में सबसे आगे *समाजवादी पार्टी* होगी।
बसपा का बोर्ड बैंक लग जा चुका है क्योंकि बसपा की मुखिया बीजेपी सरकार आई है जब से चुपचाप बैठ चुकी हैं आगरा को बसपा का किला माना जाता था लेकिन एक भी विधायक लाने में सफल नहीं रही इसलिए वोट बैंक भी पीछे हट गया है
*निष्कर्ष : एत्मादपुर में टक्कर केवल दो पार्टी में है – भाजपा और सपा।*
अगर दोनों पार्टियां अच्छे प्रत्याशी मैदान में उतारती हैं, तो बाजी किसी भी तरफ मुड़ सकती है।
जिस व्यक्ति को *ब्राह्मण + जाटव + बघेल + बनिया*+कुशवाह, राजपूत
जाति का वोट जितना ज्यादा मिलेगा, उसी को विजयश्री हासिल होगी।
क्योंकि इस समय वोटर चुपचाप पड़ा हुआ है। जब चुनाव पूरे शबाब पर होगा, तभी जातियां अपना अंतिम निर्णय लेंगी।
*और एक बात साफ है – वर्तमान विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह को हल्के में लेने की भूल जो लोग कर रहे हैं, वो बड़ी भूल कर रहे हैं।*
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*रिपोर्ट :
भूपेंद्र भारद्वाज मौत
भारत TV आगरा



