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खंड विकास अधिकारी भी देते हैं खनन करने की अनुमति, खंड विकाधिकारी के लेटर पर पुलिस ने भी छोड़ दिए पकड़े गए जेसीबी ट्रैक्टर

मिट्टी खनन की अनुमति देने का अधिकार खनन विभाग ,मजिस्ट्रेट को होता है

आगरा मिट्टी खनन करने की अनुमति खनन विभाग के अधिकारी एवं जिलाधिकारी तहसील से मजिस्ट्रेट को होती है लेकिन ताज नगरी में एक और नया कारनामा देखने को मिला है जहां खंड विकास अधिकारी जिला अधिकारी से ऊपर हो गए उनके द्वारा आनन फानन में खनन करने की अनुमति दे दी और पुलिस ने भी उसे स्वीकार करते हुए पकड़े गए खनन में जेसीबी ट्रैक्टर को छोड़ दिया लेटर वायरल होने के बाद सभी तरह की चर्चा चल रही है कि आखिरकार खंड विकास अधिकारी खनन करने की अनुमति कैसे दे सकते हैं और उनके लेटर पर पुलिस कैसे वाहन छोड़ सकती है सूत्रों का कहना है कि खंड विकास अधिकारी एवं पुलिस को पार्टी बनाते हुए मामला कोर्ट तक जा रहा है क्या खंड विकास अधिकारी मजिस्ट्रेट बन सकते हैं उनका कोई अधिकार नहीं है की मिट्टी खनन करने की अनुमति दे सकें लेकिन ऐसा ही हुआ है

मामला खंड विकास खदौली की ग्राम पंचायत से जुड़ा है थाना बरहन क्षेत्र के आवलखेड़ा का है यहां खनन माफिया गीतम यादव के द्वारा मिट्टी खनन का कार्य चल रहा था किसी के द्वारा सूचना दी गई और बरहन पुलिस ने जेसीबी, ट्रैक्टर पकड़ कर थाने खड़े कर दिए उसके बाद खेल प्रारंभ हुआ और खंड विकास अधिकारी ने एक लेटर जारी करते हुए मिट्टी खनन करने की अनुमति दे दी जबकि जेसीबी से मिट्टी खनन करने की अनुमति का अधिकार जिलाधिकारी को है उसमें भी वर्क आर्डर लगाकर क्षेत्रीय लेखपाल नायब तहसीलदार, तहसीलदार आख्या पेश करते हैं उसके बाद अनुमति मिलती है खंड विकास अधिकारी जिला अधिकारी से भी ऊपर हो गए और उनके आदेश को मानते हुए थाना बरहन पुलिस ने पकड़े गए जेसीबी ट्रैक्टर ट्रॉली छोड़ दिए सूत्रों का कहना है कि इस खेल में कई लोग शामिल हैं खनन माफिया गीतम यादव को इसी वर्ष उप जिलाधिकारी एत्मादपुर के द्वारा मिट्टी खनन करते हुए पकड़ा गया था जिसमे जेसीबी ट्रैक्टर बरामद हुए थे उसके बाद फिर से खनन करने में सक्रिय हो गया

पुलिस ने इस लेटर पर कैसे छोड़ दिए जेसीबी ट्रैक्टर

बरहन पुलिस ने खंड विकास अधिकारी के लेटर पर पकड़े गए जेसीबी, ट्रैक्टर कैसे छोड़ दिए जबकि अनुमति किसी मजिस्ट्रेट की नहीं थी अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या होता है खंड विकास अधिकारी को जवाब देना पड़ेगा कि आखिरकार मिट्टी खनन की अनुमति देने का अधिकार है या नहीं कोई भी विकास कार्य के लिए मिट्टी की आवश्यकता होती है तो मजिस्ट्रेट से अनुमति लेने का अधिकार होता है परंतु खंड विकास अधिकारी अनुमति नहीं दे सकते

मिट्टी खनन का मामला राजस्व से जुड़ा होता है बिना अनुमति के मिट्टी का खनन नहीं किया जा सकता चाहे प्राइवेट जगह पर मिट्टी खोदी जाए या फिर सरकारी जगह क्यों ना हो

उप जिलाधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि हमारे पास किसी भी तरह का कोई प्रार्थना पत्र या फिर कार्य करने की अनुमति के लिए कोई लेटर नहीं आया है इस कार्य की अनुमति खंड विकास अधिकारी नहीं दे सकते

खंड विकास अधिकारी खंदौली से फोन से संपर्क किया गया तो उनके द्वारा बताया गया कि हमें किसी से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है तालाब से मिट्टी खोदकर दूसरे तालाब पर जा रही थी इसमें अनुमति की कोई जरूरत नहीं पड़ती है हम क्यों अनुमति लेंगे और इस बात को कई दिन हो चुके हैं अब इस बात से क्या लेना देना

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