पंचायत की जमीन पर मकान बनाने वाले प्रधान को नहीं मिली राहत
अपर जिलाधिकारी कोर्ट से भी खाली करने के हुए आदेश

आगरा सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट का आदेश है पंचायत की जमीन खाद के गड्ढे मरघट तालाब आम रास्ता जैसी सरकारी जमीन पर कोई भी अवैध कब्जा नहीं कर सकता अगर किसी ने कब जा किया है तो उसे तत्काल प्रशासन द्वारा हटाया जाए और जुर्माना लगाया जाए उत्तर प्रदेश सरकार ने भी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ एंटी भू माफिया टीम का गठन किया है तमाम जिलों में सरकारी जमीन को खाली कराया गया है लेकिन आगरा के तहसील एत्मादपुर क्षेत्र में वर्तमान प्रधान के द्वारा सरकारी खाद की गड्डी की जमीन पर अवैध रूप से पक्का मकान बना लिया है जिसकी शिकायत तहसील एत्मादपुर में की गई तहसीलदार कोर्ट ने जमीन खाली करने के आदेश देते हुए जुर्माना लगाया आदेश के खिलाफ प्रधान राजीव गिरी पुत्र हरि गिरि निवासी मुड़ी जहांगीरपुर आगरा के द्वारा जिलाधिकारी के यहां प्रार्थना पत्र दिया बिना सुनवाई के कार्रवाई की गई है प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए फिर से तहसील एत्मादपुर में सुनवाई प्रारंभ की गई लेखपाल तहसीलदार की जांच पड़ताल में पाया गया के घाट संख्या 335 में वर्तमान प्रधान के द्वारा अवैध कब्जा किया गया है उसी बीच शिकायतकर्ता ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया हाई कोर्ट के आदेश ने कहा गया कि राजस्व अधिकारी मामले को संज्ञान में लेते हुए तीन महीने में निपटारा करें कोर्ट के आदेश के बाद तहसीलदार कोर्ट ने अबैध कब्जा मानते हुए फिर से उसी आदेश को बहाल किया जिसमें जुर्माना और अवैध कब्जा बताया गया उसके बाद भी प्रधान ने अपर जिलाधिकारी यहां अपील की सुनवाई करते हुए पाया गया कि पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है अब अजादारी के पास कोई ऐसा सबूत नहीं है कि उसकी जमीन है सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया या गया है अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संदीप कुमार वर्मा कि द्वारा 27- 05 2026 को आदेश दिया है कि जमीन पर अवैध कब्जा है जो सरकारी है तहसीलदार कोर्ट के द्वारा 11 मार्च 2036 को जमीन पर अवैध कब्जा करते हुए जुर्माना लगाया था उसी आदेश के खिलाफ अपील कर्ता राजीव गिरी के द्वारा 24 मार्च 2026 को अपील की थी अपर जिलाधिकारी ने 11 मार्च 2026के आदेश को पूरा बहाल करने के निर्देश दिए हैं तीन बार आदेश होने के बाद भी तहसील के अधिकारी सरकारी जमीन खाली कराने में नाकाम साबित हो रहे हैं शिकायतकर्ता 25 जून को मुख्यमंत्री दरबार में शिकायत करेगा


