खंदौली दुर्घटना की क्या है सच्चाई, सिपाहियों के साथ प्राइवेट गाड़ी में महिला कहां से आई
आगरा

गस्त पर थे सिपाही, प्राइवेट गाड़ी कहां से आई महिला को पुलिस ने छुपाया
नोटिस देने के बाद पुलिस महिला को थाने लेकर आई तो महिला पुलिस साथ क्यों नहीं
घटना किस जगह हुई कार कहां से आई
दो सिपाही एक महिला अधिकार में पुलिस ने महिला की पहचान उजागर क्यों नहीं की
किस लिए महिला को घर से लेकर आए थे दोनों सिपाही
बच्चों का बड़ा आरोप पुलिस नहीं दे पा रही जवाब
परिवार के लोगों की आवाज दबाने में लगी पुलिस
घटना से क्षेत्र में फैल रहा आक्रोश
कहां लेकर जा रहे थे सिपाही महिला को
अगस्त पर थे तो जीडी में होगी सब कुछ रिपोर्ट किस गाड़ी पर है तैनात सिपाही
दुर्घटना के समय अगस्त वाली गाड़ी कहां चली गई
इन सवालों के नहीं है किसी के पास जवाब
आगरा-पुलिस विभाग के लिए कितना झूठ बोल सकती है यह किसी को पता नहीं जब झूठ उजागर होता है तो उसका जवाब किसी के पास नहीं होता चार दिन से पुलिस मामले को छिपाती रही चारों तरफ धीरे-धीरे चर्चा खबर में बदल गई आखिरकार सड़क हादसे में एक सिपाही की मौत हुई दूसरा घायल बताया गया लेकिन उसे गाड़ी में पुलिस वालों के साथ क्षेत्र की एक महिला भी थी उसे महिला को पुलिस कहां ले जा रही थी किस आधार पर घर से लेकर आई जब दुर्घटना हुई महिला घायल हुई तो पुलिस ने क्यों नहीं बताया कि उसे घटना में महिला भी घायल हुई है अब जांच की बात की जा रही है तो वहीं पर जनों का आरोप है कि पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है घटना में घायल महिला की भी उपचार के दौरान मौत हो गई पूरे क्षेत्र में तमाम तरह की चर्चा चल रही हैं
मामला 20 सितंबर को आगरा अलीगढ़ हाईवे पर तड़के हुए सड़क हादसे में खंदौली थाने के सिपाही हर्ष तोमर की मौत के मामले में बुधवार को नया मोड आया। हादसे के समय कार में हर्ष तोमर, हरीश शर्मा के साथ एक महिला भी सवार थी। घायल महिला प्रेमलता को एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला के बेटे ने दोनों सिपाहियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका आरोप है कि हादसे के बाद पुलिस ने महिला के घायल होने की जानकारी नहीं दी है और नहीं दिखाया है कि महिला मौके पर गाड़ी में थी
गांव नेकपुर निवासी 35 वर्षीय प्रेमलता का एसएन मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा था। उनके पति की पांच साल पहले मौत हो चुकी है। मां की मौत के बाद 17 वर्षीय बेटे यश ने आरोप लगाया कि मेरठ निवासी सिपाही हर्ष तोमर, हरीश शर्मा का उसके गांव में आना-जाना था। उसकी मां ने बाइक फाइनेंस कराई थी। उसकी किस्त जमा हुई थी। घटना से तीन-चार दिन पहले दोनों सिपाही नोटिस लेकर घर आए थे। यश के मुताबिक 19 सितंबर की रात दोनों सिपाही प्राइवेट कार से घर आए उसकी मां से थाने चलने को कहा। उसने भी साथ चलने की बात कही तो उसे धमकाकर शांत रहने को कहा गया। सिपाहियों ने कहा कि बाइक जिसके नाम है उसे ही थाने जाना पड़ेगा। अगले दिन सुबह दो सिपाही घर पहुंचे और बताया कि अलीगढ़ हाईवे पर पीलीपोखर के पास प्रेमलता का एक्सीडेंट हो गया है। उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। सूचना पर यश अस्पताल पहुंचा। वह अपनी छोटी बहन पायल को घर पर छोड़कर मां की तीमारदारी में जुट गया। यश का आरोप है कि उसे बाद में हादसे की पूरी जानकारी हुई। गांव के कुछ लोग मामले की शिकायत लेकर थाने भी गए लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। मौत होने के बाद क्षेत्र में तमाम चर्चाएं चल रही हैं पोस्टमार्टम के लिए महिला के शव को भेज दिया गया है लेकिन सवाल खड़े होते हैं कि आखिरकार पुलिस ने इतनी बड़ी घटना को छुपाया क्यों
बाइक फाइनेंस का नोटिस किसके माध्यम से आया
जब बाइक फाइनेंस का नोटिस देने के लिए पुलिस घर पर गई तो उसमें ऐसी कोई धारा होगी जिसके आधार पर पुलिस महिला को लेकर थाने आ सकती है लेकिन ऐसा कहीं देखने को नहीं मिल रहा है अगर महिला को थाने लेकर पुलिस आ रही थी रात्रि में तो महिला पुलिस क्यों नहीं मौजूद थी
महिला को थाने क्यों नहीं ले गए
सवाल यह भी है कि जब पुलिस महिला को घर से लेकर आई तो थाने क्यों नहीं ले गई अगर थाने ले गई तो सीसीटीवी कैमरे पूरी घटना के गवाह होंगे थाने पर जीडी में अंकित कराया होगा
अगर नहीं कराया तो थाने के अधिकारी को अवगत कराया होगा अगर ऐसा कुछ नहीं किया गया तो सिपाहियों ने लापरवाही करते हुए महिला का अपहरण किया है
किस गाड़ी पर तैनात थे सिपाही
घटना में सिपाही की मौत के बाद पुलिस अधिकारियों ने अपने बयान में कहा है कि दोनों सिपाही ग्रस्त कर रहे थे सिपाही ग्रस्त कर रहे थे तो किस गाड़ी पर तैनात थे उनकी ड्यूटी किस जगह लगी हुई थी घटनाओं के समय प्राइवेट गाड़ी कहां से आई सरकारी गाड़ी कहां चली गई उसका जवाब किसी के पास नहीं है
कौन सी गंभीर धारा थी फाइनेंस गाड़ी के कागज में
पुलिस द्वारा नोटिस देने की बात की जाने की चर्चा है तो ऐसी कौन सी गंभीर धारा थी जिस धारा के आधार पर पुलिस महिला को पकड़ कर थाने लेकर आ सकती है उसका जवाब कौन देगा
रात्रि 2:00 बजे तक पोस्टमार्टम पर लगी रही पुलिस
महिला की मौत होने के बाद पोस्टमार्टम गृह पर रात्रि 2:00 बजे तक बाहरी पुलिस बल तैनात रहा ऐसा क्या कारण था अब पुलिस के पास क्या जवाब है क्षेत्र की जनता को पुलिस क्या जवाब देगी
जांच में होगी सच्चाई तो क्या होगा मुकदमा
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस वालों के खिलाफ मुकदमा होना अधिकारियों द्वारा पुलिस वालों को बचाने की कोशिश की जा रही है



