11 दिन में रास्ता नहीं दिया तो होगा आंदोलन, मंदिर में हुई चोरी का लिखा जाए तत्काल मुकदमा
नवदुर्गा में सजेगा माता का दरबार

आगरा। थाना रकाबगंज क्षेत्र के बिजली घर चौराहे स्थित प्राचीन और सिद्धपीठ शिव हनुमान दुर्गा मंदिर आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। मंदिर की सेवा करने वाले बुजुर्ग महंत शिवराम दास को पहले दबंग ठेकेदार के गुर्गों ने पीट-पीटकर उनकी बाजू तोड़ दी और अब मौका पाकर मंदिर में चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया गया। सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि पीड़ित महंत दो बार तहरीर दे चुके हैं, लेकिन रकाबगंज पुलिस ने आज तक एक भी मुकदमा दर्ज नहीं किया।
जिसके बाद सोमवार को जब महंत मंदिर की सफाई करने पहुंचे तो मंदिर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और हिंदूवादी संगठन मैदान में उतर आए हैं।
पूरा मामला क्या है?
1. बीते साल तोड़ी थी महंत की बाजू –
महंत शिवराम दास पिछले कई वर्षों से निस्वार्थ भाव से मंदिर की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बिजली घर परिसर में चल रहे ठेके के काम के दौरान ठेकेदार की नजर मंदिर की जमीन और रास्ते पर है। इसी को लेकर बीते वर्ष विवाद हुआ था। आरोप है कि ठेकेदार ने अपने 4-5 गुर्गों के साथ मिलकर महंत के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। विरोध करने पर उन्हें जमीन पर गिरा दिया, जिससे उनकी एक बाजू टूट गई।
घायल अवस्था में महंत को उनके परिवार के लोग घर ले गए और निजी अस्पताल में उनका इलाज कराया। महंत ने उसी दिन चौकी पर जाकर नामजद तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने “आपसी समझौता” कहकर मामला रफा-दफा कर दिया और FIR दर्ज नहीं की।
2. दीवार तोड़कर बंद कर दिया रास्ता –
मुकदमा दर्ज न होने से ठेकेदार के हौसले बुलंद हो गए। उसने जेसीबी मशीन लगाकर मंदिर की साइड वाली दीवार को पूरी तरह तोड़ दिया और मलबा डालकर मंदिर में आने-जाने वाला एकमात्र रास्ता बंद कर दिया।
रास्ता बंद होने के कारण रोज पूजा-पाठ बंद हो गया। बुजुर्ग महंत शिवराम दास रोज मंदिर नहीं आ पाते। वह मजबूरी में एक हफ्ते में सिर्फ एक बार मंदिर की साफ-सफाई करने आते हैं। संत समाज और भक्तों को आने में भारी परेशानी हो रही है।
3. सोमवार को हुई चोरी का खुलासा –
महंत शिवराम दास के अनुसार वह सोमवार सुबह करीब 9 बजे एक हफ्ते बाद मंदिर की साफ-सफाई करने पहुंचे। जब उन्होंने मंदिर का ताला खोला तो अंदर का नजारा देखकर सन्न रह गए। मंदिर के अंदर रखा दानपात्र टूटा पड़ा था, पीतल के घंटे, पूजा के बर्तन और अन्य सामान चोरी हो चुका था।
उन्होंने तुरंत इसकी सूचना आसपास के लोगों को दी और भागकर बिजली घर चौकी पर गए। वहां लिखित में तहरीर दी। लेकिन पुलिस ने इस बार भी सिर्फ आश्वासन देकर टरका दिया और कहा “जांच करते हैं”। शाम तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।
नवरात्रि से पहले साजिश का आरोप –
कुछ ही दिनों में शारदीय नवरात्रि शुरू होने वाली है। हर साल इस मंदिर में मातारानी का भव्य दरबार सजता है और हजारों की संख्या में भक्त दर्शन करने आते हैं। भक्तों का आरोप है कि नवरात्रि से पहले जानबूझकर मंदिर को निशाना बनाया जा रहा है ताकि मेला और दरबार न लग सके।
हिंदू संगठनों का ऐलान –
घटना की सूचना पर हिंदूवादी नेत्री मीरा राठौर, अवतार सिंह गिल और अन्य संगठनों के दर्जनों कार्यकर्ता मंदिर पर पहुंच गए। उन्होंने मंदिर परिसर में ही धरना दिया।
मीरा राठौर ने कहा कि “ये सिर्फ चोरी नहीं, हिंदू आस्था पर सीधा हमला है। एक संत की बाजू तोड़ दी जाती है, मंदिर का रास्ता बंद कर दिया जाता है, पुलिस FIR तक नहीं लिखती। ये बर्दाश्त नहीं होगा।”
संगठनों ने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर 11 दिन के अंदर चोरी का खुलासा कर सामान बरामद नहीं किया गया, ठेकेदार और उसके गुर्गों पर महंत पर हमला करने और मंदिर की दीवार तोड़ने का मुकदमा दर्ज कर रास्ता नहीं खोला गया, तो वे बिजली घर चौराहे पर चक्का जाम और थाने का घेराव करेंगे।
पुलिस का क्या कहना है –
मौके पर पहुंची थाना रकाबगंज पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिल गई है, सीसीटीवी फुटेज चेक किए जा रहे हैं। रास्ते के मामले में नगर निगम और ठेकेदार से बात की जाएगी। फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।



