
वैश्विक और मानवीय समस्याओं का समाधान अंततः भारतीय संस्कृति से ही संभव है। जिसमें वसुधा के कल्याण की कामना है। इसके लिए शिक्षकों और विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति का ज्ञान देना अपरिहार्य है। पूज्य आचार्य श्री राम शर्मा युगदृष्टा थे। उन्होंने सनातन चेतना के जागरण का अभियान चलाया। युग निर्माण योजना के माध्यम से उन्होंने समाज को समरसता का संदेश दिया। उनकी प्रेरणा से ही अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा शिक्षक गरिमा और
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया जाता है। इसके माध्यम से प्राचीन संस्कृति, सनातन मूल्यों और संस्कारों के प्रति जागृत किया जाता है। युवा पीढ़ी को भारतीय इतिहास,दर्शन, जीवन मूल्यों और सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराया जाता है। यह समाज में नैतिक मूल्य और अच्छे संस्कार जगाने का एक बड़ा अभियान है। इसमें भारतीय संस्कृति,वेदों, उपनिषदों, भारतीय नदियों, पर्वों और परंपराओं से संबंधित चेतना समाहित है।
युग निर्माण योजना में
व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण और समाज निर्माण करना, क्योंकि सुधरे हुए व्यक्ति से ही एक आदर्श समाज बनाने का विचार समाहित है। मानवीय उत्कृष्टता और अच्छे संस्कारों को बढ़ावा देना है।
सामाजिक सुधार: समाज से बुराइयों को मिटाना तथा पर्यावरण संरक्षण व शिक्षा के क्षेत्र में काम करना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा आयोजित प्रांतीय शिक्षक गरिमा सम्मेलन में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ चिन्मय पंड्या भी उपस्थित रहे। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि
अखिल विश्व गायत्री परिवार ने यज्ञों के माध्यम से सर्व समाज को एक मंच पर, एक वेदी पर बैठाकर सामाजिक एकता का जो आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। वह अत्यंत अभिनंदनीय है।
गायत्री मंत्र यह पृथ्वी का पहला मंत्र है। गायत्री परिवार ने पिछले सौ वर्षों में यज्ञ की वेदी के माध्यम से समाज की चेतना को जागृत करने में एक बड़ी भूमिका का निर्वहन किया है।



