वीर गोकुला जाट की शौर्यगाथा को NCERT में मिला स्थान

आगरा। अमर बलिदानी वीर गोकुला जाट के संघर्ष, त्याग और बलिदान को अब राष्ट्रीय स्तर पर इतिहास की पाठ्यपुस्तक में स्थान मिलने की जानकारी सामने आई है। राष्ट्रीय लोकदल के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता कप्तान सिंह चाहर ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री एवं राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयन्त चौधरी की पहल पर वीर गोकुला जाट की जीवनी और उनके संघर्ष को NCERT की कक्षा 9 की इतिहास की पुस्तक में शामिल किया गया है।
कप्तान सिंह चाहर के अनुसार, 17वीं शताब्दी में गोकुल सिंह उर्फ वीर गोकुला जाट ने ब्रज क्षेत्र में मुगल शासन के विरुद्ध संघर्ष किया था। उन्होंने किसानों और आम जनता पर हो रहे अत्याचार तथा शोषण के खिलाफ आवाज उठाई और अपने साहस एवं स्वाभिमान के लिए संघर्ष किया।
उन्होंने बताया कि वीर गोकुला जाट के संघर्ष और बलिदान को पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय जाट महासभा की ओर से केंद्र एवं प्रदेश सरकार को कई ज्ञापन दिए गए थे। कुछ माह पूर्व सादाबाद के बिसावर में वीर गोकुला जाट की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम के दौरान भी केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी के समक्ष यह मांग रखी गई थी।
समर्थकों के अनुसार, NCERT की पाठ्यपुस्तक में वीर गोकुला जाट के संघर्ष का उल्लेख आने वाली पीढ़ियों को उनके साहस, त्याग और स्वाभिमान से परिचित कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसे किसान समाज के इतिहास और योगदान से विद्यार्थियों को परिचित कराने वाला विषय भी बताया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय लोकदल के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व प्रदेश प्रवक्ता कप्तान सिंह चाहर, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र बघेल, पूर्व प्रदेश सचिव डॉ. रुपेश चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य चौधरी गोपीचंद, महानगर अध्यक्ष पंडित दुर्गेश शुक्ला, युवा लोकदल के प्रदेश महासचिव मयंक खिरवार, डॉ. खेम सिंह राजपूत, पूर्व जिला अध्यक्ष संजय फौजदार, किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह, वरिष्ठ नेता हरदम सिंह पहलवान, किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव संजीव शर्मा एवं आलोक चौधरी सहित अन्य नेताओं ने हर्ष व्यक्त किया।



