
संत रविदास नगर की कालीन विश्व प्रसिद्ध रही है। कुछ वर्ष पहले तक यह स्थानीय उद्योग अनेक कारणों से उपेक्षित हो गया था। वर्तमान प्रदेश सरकार ने एक जिला एक उत्पाद में इसको शामिल किया। इसके दृष्टिगत सभी सुविधाओं और संसाधनों को उपलब्ध कराया गया। इसके फलस्वरूप इस स्थानीय उद्योग को नया जीवन मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत रविदास नगर में इसका उल्लेख किया। उन्होंने जनपद भदोही में इंडिया कार्पेट एक्सपो के सम्मेलन का शुभारंभ किया।
कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, विक्रेताओं एवं प्रमुख उद्यमियों से संवाद किया।
भदोही में करीब चौदह सौ करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि हुनर को इंफ्रास्ट्रक्चर से, कारीगर को कौशल से, उद्यमी को बाजार से और स्थानीय उत्पाद को वैश्विक मांग से जोड़ा है। प्रदेश में कनेक्टिविटी और ढांचागत सुविधाओं का व्यापक विकास किया गया है। इससे एक जिला एक उद्योग योजना सफल हुई है। स्थानीय उद्योग लाभान्वित हो रहे है। संत रविदास नगर और सिल्क क्लस्टर से आज करीब बांसठ करोड़ रुपए का निर्यात संभव हुआ। इसको जीआई टैग की पहचान मिली। ओडीओपी का मंच मिला। सीपीईसी का संस्थागत सहयोग मिला। निर्यात की हर संभव सहायता मिली। भदोही में कार्पेट संस्थान स्थापित है। जहां कार्पेट और टेक्सटाइल
तकनीक की शिक्षा के साथ डिजाइनिंग और डाइंग का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है। लखनऊ और हरदोई के बीच लगभग एक हजार एकड़ क्षेत्रफल में पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क निर्माण किया जा रहा है।



