
शिक्षा के माध्यम से ज्ञान की प्राप्ति होती है। लेकिन इतना मात्र पर्याप्त नहीं होता। ज्ञान तभी सार्थक होता है, जब उसे आचरण में उतारा जाए। समाज और राष्ट्र को सर्वोच्च मान कर ही विद्यार्थियों को जीवन पथ पर आगे बढ़ना चाहिए। इसके साथ ही कौशल विकास से भी विद्यार्थियों में स्वावलंबन जागृत होता है।
राज्यपाल आनंदीबेन बेन पटेल शिक्षण संस्थानों के प्रत्येक कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को प्रेरित करने वाले मार्गदर्शक तत्वों का उल्लेख करती है। उन्होंने जन भवन से डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में आयोजित सैमसंग इनोवेशन कैंपस के शुभारंभ कार्यक्रम में ऑनलाइन संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने
स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसे अभियान शुरू किए। इन प्रयासों ने युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोले हैं।इन अवसरों का लाभ विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों तक पहुंचे और प्रत्येक युवा अपने भीतर छिपी क्षमता को पहचान सके।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संचार सहित लगभग प्रत्येक क्षेत्र में उपयोग की संभावनाएं प्रस्तुत कर रही है। तकनीक का परिवर्तन केवल मशीनों के बदलने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि मनुष्य की सोच, कार्यशैली और संभावनाओं के विस्तार की प्रक्रिया भी है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने ज्ञान की सीमाओं को विस्तृत करते हुए समस्याओं के समाधान के नए मार्ग खोले हैं। आज की आवश्यकता सिर्फ स्किल विद टेक्नोलॉजी की नहीं बल्कि स्किल विद वैल्यूज की भी है।
युवाओं के लिए वर्तमान समय चुनौतियों से अधिक अवसरों का है।
तकनीक अवसर प्रदान करती है किन्तु अवसर को उपलब्धियों में बदलना स्वयं के हाथों में होता है।असफलता अंत नहीं, सीखने की नई शुरूआत है
ज्ञान, साहस और धैर्य के साथ चुनौतियों को अवसर में बदलें युवा।



