
आगरा में UGC बिल को लेकर स्वर्ण समाज का प्रदर्शन, हकीकत में क्या हुआ?*
*आगरा।* यूजीसी के विरोध में स्वर्ण समाज द्वारा किया गया आंदोलन अब सवालों के घेरे में है।
*1. रात से ही तैयारी -* आंदोलन की तैयारी रात से ही शुरू हो गई थी। मुड़ी चौराहे पर सैकड़ों लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ इकट्ठा हो गए थे।
*2. जिला मुख्यालय घेराव की चेतावनी -* पहले से कहा गया था कि जिला मुख्यालय का घेराव किया जाएगा, इसलिए दूर-दराज से जनता आई थी।
*3. नेता सिर्फ एक्सप्रेस-वे तक -* आरोप है कि कुछ चेहरा चमकाने वाले नेता पहले से ही तय करके आए थे कि उन्हें सिर्फ एक्सप्रेस-वे तक जाना है। आम जनता को इसकी भनक तक नहीं थी।
*4. मुड़ी चौराहे से एक्सप्रेस-वे तक मार्च -* आंदोलन मुड़ी चौराहे से शुरू हुआ और भीड़ सीधे एक्सप्रेस-वे के पास पहुंच गई।
*5. बैरिकेड तोड़ा, एक्सप्रेस-वे पर पहुंचे -* प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर एक्सप्रेस-वे के ऊपर चढ़कर जाम कर दिया। इससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई।
*6. जलेसर रोड पर झड़प -* जलेसर रोड पर भीड़ बढ़ती गई और पुलिस के साथ झड़प हुई। लाठीचार्ज की भी बात सामने आ रही है।
*7. पुलिस का खंडन -* पुलिस प्रशासन का कहना है कि न तो एक्सप्रेस-वे जाम हुआ और न ही लाठीचार्ज हुआ।
*8. वीडियो बता रहे हैं सच -* लेकिन हकीकत ये है कि दोनों घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर मौजूद हैं, जो पुलिस के दावे पर सवाल खड़ा कर रहे हैं।
*9. सोशल मीडिया पर नेताओं की फजीहत -* जो नेता चेहरा चमकाकर वापस लौट गए, उनकी सोशल मीडिया पर जनता जमकर आलोचना कर रही है।
*10. बड़ा सवाल -* सवाल यही है कि अगर आंदोलन पहले से तय था तो जनता को बेवकूफ क्यों बनाया गया? और जब जाना ही एक्सप्रेस-वे तक था तो प्रशासन को इतना परेशान क्यों किया गया? अब लोग कह रहे हैं कि अगली बार किसी के बुलाने पर जनता नहीं आएगी।
उपलाधिकारी को दिया ज्ञापन
सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों के द्वारा अपना ज्ञापन उपजिलाधिकारी सुमित कुमार को दिया उसके बाद मुख्य भूमिका निभा रहे लोग वहां से वापस लौट आए लेकिन जनता फिर भी रोड पर प्रदर्शन करती रही और आगे बढ़ती चली गई उसके बाद फिर हंगामा प्रारंभ हो गया जिसमें पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा


